सीमित सीटों के कारण पूर्व पंजीकरण आवश्यक है।
आस्था, इतिहास और प्रकृति से भरपूर चार दिनों की यह यात्रा मेवाड़ की आत्मा से आपका परिचय कराएगी।
जयपुर से शाम 4:00 बजे प्रस्थान। मेवाड़ की पावन धरती की ओर यात्रा करते हुए नाथद्वारा पहुंचेंगे।
🌙 रात्रि विश्राम — नाथद्वारासुबह भगवान श्रीनाथ जी के दर्शन के साथ दिन की शुरुआत। इसके बाद मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास से जुड़े प्रमुख स्थलों का दर्शन।
मेवाड़ की वीरता, महाराणा प्रताप के संघर्ष और राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत को करीब से अनुभव करने का अवसर।
🌙 रात्रि विश्राम — सलूम्बरतीसरे दिन यात्रा मेवाड़ से आगे बढ़ते हुए बागड़ क्षेत्र की आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचय कराएगी।
प्रकृति, नदी संगम और धार्मिक आस्था का यह अनुभव यात्रा को विशेष बनाता है।
🌙 रात्रि विश्राम — त्रिपुर सुंदरी, बांसवाड़ायात्रा के अंतिम दिन मेवाड़ की गौरवगाथा के सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक — चित्तौड़ दुर्ग दर्शन।
वीरता, त्याग और स्वाभिमान की ऐतिहासिक भूमि चित्तौड़गढ़ के दर्शन के बाद जयपुर के लिए प्रस्थान।
🕗 जयपुर वापसी — 14 सितंबर, शाम 8:00 बजे तकमहाराणा प्रताप की वीरभूमि से लेकर श्रीनाथ जी की भक्ति तक, कुंभलगढ़ की ऐतिहासिक विरासत से लेकर चित्तौड़ के स्वाभिमान तक, जयसमंद की प्राकृतिक सुंदरता से लेकर बेणेश्वर के पावन संगम तक...
यह यात्रा राजस्थान की आत्मा को करीब से अनुभव करने का अवसर है।
आयोजक
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मेवाड़ आपका इंतज़ार कर रहा है।